राम की छाया में — रामनवमी विशेष
जब राम का शाश्वत प्रकाश एक जलते हुए विश्व को आलोकित करता है लेखक: योगी लवकुश | Calm – Holistic Wellness | भारत और मिस्र ॥ श्री राम जय राम जय जय राम ॥ रामनवमी, 6 अप्रैल 2026 — फ़राओं की इस धरती से लिखा गया, जहाँ नील नदी अनंत काल से बहती है, और जहाँ मैं, योगी लवकुश, भारत से राम का नाम अपने हृदय में लेकर आया हूँ। भाग १: राम कौन हैं? — एक शाश्वत आत्मा की जीवन-गाथा इतिहास से पहले, राम थे। धर्म के लिखित विधान से पहले, राम उसे जी रहे थे — उसे श्वास में भर रहे थे — उसे अपने अस्तित्व में साकार कर रहे थे। भगवान राम का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को, प्राचीन नगरी अयोध्या में हुआ — जो आज भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है। वे भगवान विष्णु के सातवें अवतार थे — ब्रह्मांड के पालनकर्ता — जो पृथ्वी पर तब अवतरित हुए जब धर्म और अधर्म का संतुलन खतरनाक रूप से बिगड़ चुका था। लंका के राक्षसराज रावण ने इतनी विनाशकारी शक्ति संचित कर ली थी कि स्वर्गलोक काँप उठा और धरती रोने लगी। राम इक्ष्वाकु वंश के महाराजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र थे। उनकी माता थीं कौशल्या — गरिमा और भक्ति की देवी। उनके जन...